भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने 17 जुलाई, 2024 को एक समन्वित समुद्री-वायु अभियान में, भारी बारिश और चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति के बीच, केरल के कोच्चि से लगभग 80 समुद्री मील दूर फंसे हुए भारतीय मछुआरे की नाव (आईएफबी) आशनी का सफलतापूर्वक बचाव किया, जिसमें 11 लोगों का एक दल सवार था। यह नाव कील के पास पतवार के टूटने के कारण पानी भर जाने और प्रोपल्शन नहीं हो पाने के कारण जोखिम की स्थिति में थी, जिससे उसमें सवार लोगों की सुरक्षा को खतरा था।
समुद्री निगरानी पर लगे आईसीजी डोर्नियर विमान ने 16 जुलाई, 2024 की रात को संकटग्रस्त भारतीय मछुआरे की नाव का पता लगाया। गश्त कर रहे आईसीजी जहाज सक्षम को आईसीजी जिला मुख्यालय संख्या 4 (केरल और माहे) द्वारा जहाज की सहायता के लिए तुरंत मोड़ दिया गया। प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए, नाव में सवार लोगों को बचाने के लिए एक उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर के साथ एक और आईसीजी जहाज अभिनव को तैनात किया गया।
आईसीजी की एक तकनीकी टीम संकटग्रस्त नाव तक पहुंची, नाव में पानी भरने से रोकने का प्रयास किया और आवश्यक सहायता प्रदान की। अभियान का समापन सभी चालक दल के सदस्यों और जहाज को बचाने के साथ हुआ।
इसके बाद नाव को मत्स्य विभाग को सौंप दिया गया। इस अभियान ने एक बार फिर देश के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आईसीजी की प्रतिबद्धता को उजागर किया।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में जूमागाछ बॉर्डर आउटपोस्ट…
जम्मू-कश्मीर के बागवानी निर्यात को एक और महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय…
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वर्चुअल माध्यम से रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस की पहली सेवा को…
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। मॉनसून सत्र से पहले…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने वकी…
ईरान ने आज कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए। हमलों…