भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्रि और कुलिश ने एडीएमएम-प्लस समुद्री सुरक्षा संयुक्त सहयोग गतिविधि में अपनी भागीदारी सफलतापूर्वक पूरी की
भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि और मिसाइल कार्वेट आईएनएस कुलिश ने फिलीपींस के सुबिक बे में आयोजित समुद्री सुरक्षा पर विशेषज्ञ कार्य समूह की संयुक्त सहयोग गतिविधि (ईडब्ल्यूजी-एमएस जेसीए) में अपनी भागीदारी पूरी की। यह कार्रवाई आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के 23वें विशेषज्ञ कार्य समूह के तहत आयोजित की गई। इसका समापन समारोह 25 सितंबर 2026 को आयोजित हुआ।
यह गतिविधि 21 सितंबर 2026 को नेवल ऑपरेटिंग बेस, सुबिक में आयोजित उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुई। समारोह की मेजबानी फिलीपीन नौसेना ने की, जबकि जापान ने इसकी सह-अध्यक्षता की। बंदरगाह चरण के दौरान शांति और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों के बीच संवाद, आसियान नौसेना प्रमुखों की बैठक और समुद्री बातचीत के लिए दिशानिर्देश, वरिष्ठ सूचीबद्ध नेतृत्व तथा समुद्री पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा, खेलकूद प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय दिवस और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।
भारतीय नौसेना के कर्मियों ने 22 सितंबर 2026 को परिचालन समन्वय और टेबलटॉप अभ्यास में भाग लिया। इसके बाद समुद्री चरण के समन्वय के लिए पूर्व-समुद्री चरण सम्मेलन आयोजित किया गया। साथ ही, जाम्बालेस स्थित शेफर्ड्स ऑफ द हिल सेंटर में सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
समुद्री चरण में खोज एवं बचाव, जल सर्वेक्षण, हताहतों व मरीजों की चिकित्सा निकासी, डेक पर विमान उतारने की क्षमता और समुद्र में फंसे जहाजों की सहायता जैसी कई समन्वित गतिविधियां शामिल रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से समुद्र में परिचालन समन्वय और अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुए।
ईडब्ल्यूजी-एमएस जेसीए के सफल आयोजन ने समुद्री सहयोग को और उन्नत करने में पेशेवर संवाद व व्यावहारिक बहुपक्षीय सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। भारत की भागीदारी ने ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और ‘महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति’)दृष्टिकोण के अनुरूप क्षेत्रीय साझेदारियों के प्रति हमारी दृढ़ता को फिर से स्पष्ट किया।





