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भारतीय नौसेना ने मापुटो में प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के बंदरगाह आगमन के अवसर पर मोज़ाम्बिक नौसेना के साथ अपने संबंधों को और सुदृढ़ किया

स्थायी समुद्री मित्रता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) ने 16 से 19 सितंबर 2025 तक मापुटो, मोजाम्बिक में अपने चार दिवसीय बंदरगाह दौरे को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इसमें आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दुल, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी शामिल थे।

तैनाती के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) ने मोज़ाम्बिक नौसेना के साथ परिचालनिक आपसी सहभागिता क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए कई संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यासों में भाग लिया। इन गतिविधियों में संयुक्त गोताखोरी अभियान, अग्निशमन अभ्यास, वीबीएसएस (विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीज़र) ऑपरेशन तथा ब्रिज मशीनरी नियंत्रण एकीकरण अभ्यास शामिल थे। इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने कटेम्बे स्थित मरीन कमांडो स्कूल, बोएन स्थित सार्जेंट स्कूल और मनहिका स्थित आर्मी प्रैक्टिसिंग स्कूल का दौरा कर पारस्परिक प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लिया, जिससे आपसी समझ और सहयोग को नई दिशा मिली। वहीं, मोज़ाम्बिक नौसेना के समुद्री सवारों ने 1टीएस जहाज़ों पर संयुक्त ईईजेड निगरानी अभियानों में भाग लिया।

1टीएस के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन तिजो के. जोसेफ ने, दौरे पर आए जहाजों के कमांडिंग ऑफिसर्स के साथ मिलकर मोज़ाम्बिक नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल यूजेनियो डायस दा सिल्वा मुआतुका, एफएडीएम के इंस्पेक्टर मेजर जनरल एज़ेकिएल मुइयांगा तथा मापुटो एयर फ़ोर्स बेस के कमांडेंट कर्नल कैंडिडो जोस तिरानो से शिष्टाचार भेंट की। इन उच्च-स्तरीय मुलाकातों ने भारत और मोज़ाम्बिक के बीच गहरे होते रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का संदेश दिया।

सामुदायिक संपर्क इस तैनाती का एक प्रमुख आयाम रहा। 1,000 से अधिक स्कूली छात्रों ने जहाजों का भ्रमण कर भारतीय नौसेना की संचालन क्षमताओं को निकट से समझा। मोज़ाम्बिक नौसेना मुख्यालय और मापुटो के स्थानीय अस्पताल में आयोजित चिकित्सा शिविर में 100 से अधिक मरीज़ों को उपचार उपलब्ध कराया गया। साथ ही, गंभीर बीमारियों की रोकथाम, आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार पर जागरूकता अभियान चलाकर स्थानीय समुदाय को लाभान्वित किया गया। इसके अतिरिक्त, संयुक्त योग सत्र और एक मैत्रीपूर्ण फुटसल मैच ने दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी सौहार्द और विश्वास को और प्रगाढ़ बनाया।

1टीएस के मोम्बासा के लिए प्रस्थान के साथ ही यह यात्रा मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा साझा समृद्धि के प्रति नई प्रतिबद्धता की प्रतीक बन गई। यह बंदरगाह दौरा महासागर-केंद्रित दृष्टिकोण के तहत अफ्रीकी देशों के साथ भारत की समुद्री साझेदारी को और सुदृढ़ करता है।

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