संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कम्बोज ने कहा है कि भारत फलस्तीन और इस्रायल की समस्या के लिए टू स्टेट समाधान के प्रति वचनबद्ध है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में उन्होंने कहा कि भारत टू स्टेट समाधान का समर्थन करता है, जहां फलस्तीन के लोग सुरक्षित सीमाओं में एक स्वतंत्र देश में आजादी से रह सकेंगे।
रुचिरा कम्बोज ने सात अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इस्रायल पर किए गए हमले की निंदा की। उन्होंने यह भी कहा कि सभी परिस्थितियों में हर किसी को अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने गाज़ा में इस्रायली बंधकों की बिना शर्त रिहाई की मांग भी की।
मानवीय सहायता पर रुचिरा कम्बोज ने कहा कि भारत फलस्तीनियों को मदद करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से बचाने के लिए गाज़ा में लोगों को दी जाने वाली मानवीय सहायता तत्काल बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।
रुचिरा कम्बोज ने आशा व्यक्त की कि संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य बनने के लिए फलस्तीन के प्रयास को समर्थन मिलेगा। पिछले महीने अमरीका ने फलस्तीन को एक राज्य का दर्जा देने संबंधी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को वीटो कर दिया। इससे फलस्तीन के समर्थक कई देशों ने प्रतिकूल प्रतिक्रिया दिखाई।
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