आईएनएस सुदर्शिनी 01 मार्च 2026 को ऐतिहासिक पोर्ट सिटी अलेक्जेंड्रिया पहुंचा, जो उसके चल रहे ट्रांसओशनिक अभियान, लोकायन-26 में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह जहाज पिछले हफ्ते सफागा से निकलने के बाद स्वेज नहर से उत्तर की ओर यात्रा करने के बाद पहुंचा है। तीन मस्तूल वाले बार्क का 193 किलोमीटर लंबी नहर से गुजरना- जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाले दुनिया के ऐतिहासिक समुद्री मार्गों में से एक है- इस वैश्विक यात्रा में भाग लेने वाले प्रशिक्षुओं के लिए यह प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण रहा है।
अलेक्जेंड्रिया में प्रवेश “ब्रिजेस ऑफ़ फ्रेंडशिप” पहल को और मज़बूत करता है, जो भारत और मिस्र के बीच लंबे समय से चली आ रही समुद्री साझेदारी का उत्सव मनाती है। दोनों देश कई सदियों से सांस्कृतिक संबंधों और आर्थिक संबंधों की एक समृद्ध विरासत साझा करते हैं। हाल के वर्षों में, रक्षा और समुद्री सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध और मज़बूत हुए हैं। सुदर्शिनी की यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
जहाज के पहुंचने पर मिस्र की नेवी और भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने रिसीव किया। कमांडिंग ऑफिसर ने अलेक्जेंड्रिया नेवल बेस के कमांडर रियर एडमिरल महमूद अब्देलसत्तार से मुलाकात की। जहाज के ठहराव के दौरान, क्रू प्रोफेशनल एक्सचेंज, कम्युनिटी आउटरीच और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिसका उद्देश्य आपसी सद्भावना बढ़ाना, इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना और दोनों नौसेनाओँ के बीच सहयोग बढ़ाना है।
ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की सातवीं उच्च स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री…
मौसम विभाग ने आज तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश…
गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मादक…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में 9वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय…
एशियाई खेलों में, भारतीय महिला टीम ने टी-20 क्रिकेट के फाइनल में श्रीलंका को 147…
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के अंतर्गत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) और…