भारतीय नौसेना का जहाज त्रिशूल भूमध्य सागर में अपनी चल रही परिचालन कार्यक्रम के दौरान 25 अक्टूबर 2026 को इटली के सिविटावेकिया पहुंचा।
बंदरगाह में प्रवेश करने से पहले, जहाज ने इतालवी नौसेना के जहाज कार्लो मार्गोटिनी के साथ एक मार्ग अभ्यास (पासएक्स- पैसेज एक्सरसाइज) किया। इस अभ्यास में समन्वित युद्धाभ्यास, संचार प्रक्रियाएं, रसद आपूर्ति, डेक पर उतरना, कर्मियों का स्थानांतरण और जहाज पर चढ़ने के अभियान शामिल थे। पासएक्स ने सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को सुगम बनाया और दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल को बढ़ाया।
बंदरगाह पर ठहरने के दौरान, पेशेवर बातचीत, सांस्कृतिक भ्रमण और आदान-प्रदान की योजना बनाई गई है। यह जहाज आगंतुकों के लिए भी खुला रहेगा। इससे उन्हें भारतीय नौसेना की समुद्री परंपराओं और क्षमताओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
बंदरगाह पर जहाजों का आना भारत और इटली के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है और पेशेवर सम्बंधों और परिचालन सहयोग को बढ़ाने के लिए दोनों नौसेनाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।





