लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 ध्वनिमत से पारित कर दिया है। यह विेधेयक पहले संसद की प्रवर समिति को भेजा गया था। इसके बाद दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता 2016 में आगे संशोधन के लिए सदन में प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य प्रक्रियागत विलंब और व्याख्या संबंधी मुद्दों का समाधान करना है।
लोकसभा में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक-आई.बी.सी 2025 पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इस संहिता का उद्देश्य सिर्फ ऋणों की वसूली के तंत्र के रूप में कार्य करना नहीं बल्कि कारोबार को बचाना, वित्तीय संकट का समाधान करना और उद्यम को सुरक्षित रखने के लिए ढांचा तैयार करना भी है।
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