आज अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष का विषय है “वन और भोजन”। हमारे संवाददाता ने बताया है कि इस वर्ष का विषय वनों और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के बीच महत्वपूर्ण संबंध पर बल देता है।
भारत में वन केवल पारिस्थितिकी तंत्र नहीं है, वे जीवन रेखा हैं, हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और जैव विविधता के अभिन्न अंग हैं। भारत की वन संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता, परिवर्तनकारी नीतियों और पहलों से झलकती है। जैसे राष्ट्रीय कृषि वानिकी नीति के अंतर्गत पौधशालाओं और अनुसंधान परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान शामिल है। इसी प्रकार ग्रीन इंडिया मिशन पचास लाख हेक्टेयर वन और वृक्षावरण को बढ़ाने का प्रयास करता है।
यह मिशन वन आधारित आय बढ़ाकर तीस लाख परिवारों को सशक्त बनाना भी सुनिश्चित करता है। स्थानीय समुदायों के महत्व को पहचानते हुए, वन धन योजना, समुदाय-केंद्रित वन संरक्षण और विकास को बढ़ावा देती है। इन प्रयासों के फलस्वरूप भारत ने स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023 के अनुसार पिछले दशक में वन आवरण में लगभग 2 दशमलव तीन-आठ प्रतिशत की वृद्धि और वनाग्नि यानी की फॉरेस्ट फायर की घटनाओं में कमी दर्ज की है। भारत का दृष्टिकोण संरक्षण को लोगों की भागीदारी और दूरदर्शी नीतियों के साथ जोड़कर विश्व के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
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