इराक की संसद ने समलैंगिक संबंध को अपराध ठहराने वाला विधेयक पारित कर दिया है। इस कानून के उल्लंघन पर 7 वर्ष की कैद की सजा अनिवार्य रूप से दी जाएगी जिसे बढ़ाकर 15 वर्ष तक किया जा सकता है। नए कानून में लिंग परिवर्तन कराने पर भी 1 से 3 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है।
अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने यह कदम इराकी समाज में धार्मिक और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उठाया है। समलैंगिक संबंध 130 देशों में मान्य है जबकि 60 देशों में इसे अपराध माना गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ चर्चा की। बातचीत के…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 मार्च 2026 को सीवर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में रायसीना संवाद के 11वें संस्करण का शुभारंभ…
पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा…
फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से…
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज भारत की अग्रणी खेल पहल, विश्व की…