देश की सबसे बड़ी, पूर्ण रूप से हरित वित्तपोषित, गैर बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी), भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (आईआरईडीए) को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कंपनी द्वारा हस्ताक्षरित वार्षिक प्रदर्शन समझौता ज्ञापन के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा विद्युत और एनबीएफसी क्षेत्र के सीपीएसई के समूह में शीर्ष निष्पादक के रूप में मान्यता दी गई है।
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए डीपीई द्वारा जारी सूची में 84 सीपीएसई की रेटिंग शामिल है। इसमें इरेडा देश के शीर्ष 4 सीपीएसई में शामिल है, जिसने 98 और उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इरेडा को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए लगातार चौथे वर्ष 7 जनवरी 2025 को एमओयू ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग प्राप्त हुई। डीपीई द्वारा अब 84 सीपीएसई की समेकित सूची जारी की गई है।
इरेडा के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, कहा: “एनबीएफसी और पावर सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सीपीएसई के रूप में पहचाने जाने और 98 और उससे अधिक स्कोर के साथ देश के शीर्ष 4 सीपीएसई में शामिल होने पर हमें बेहद खुशी है। यह उपलब्धि भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विकास में तेजी लाने के लिए हमारी टीम के सामूहिक समर्पण और रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह रेटिंग ग्रीन फाइनेंसिंग में इरेडा के नेतृत्व और अभिनव और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों से राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।”
प्रदीप कुमार दास ने टीम इरेडा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और प्रहलाद जोशी, माननीय केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री; श्रीपद नाइक, माननीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री; संतोष कुमार सारंगी, सचिव, एमएनआरई; मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और निदेशक मंडल को उनके समर्थन और अमूल्य मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
भारत के उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति, सी. पी. राधाकृष्णन ने आज पंजाब…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय तीरंदाजी संघ…
मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश से फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए…
बिहार में गंगा, पुनपुन, गंडक और कोसी समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। राज्य…
नेपाल और तिब्बत में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक एक हजार दो सौ…
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत एक वैधानिक संस्था, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग…