इस्राएल ने प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्र पर हमला नहीं करने की घोषणा के एक दिन बाद ईरान पर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं।इस्राएल ने ईरान के फारसी नव वर्ष नवरोज के दौरान आज तेहरान पर हवाई हमले किए। राजधानी के आसपास विस्फोटों की खबरें आईं हैं।
इस बीच ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज कर दिए। नव वर्ष नवरोज और ईद अल-फित्र के बीच बढ़ते संघर्ष तथा महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर व्यापक हमलों ने उत्सवों की रौनक फीकी कर दी है।
पश्चिम एशिया संघर्ष का सीधा असर ऊर्जा आपूर्ति और दैनिक जीवन दोनों पर पड़ रहा है। कुवैत में, आज सुबह मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी पर ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिससे कई परिचालन इकाइयों में आग लग गई। अधिकारियों ने बाद में बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। उधर, लेबनान में, बेरूत के भीतरी इलाकों में हवाई हमले किए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख सरकारी स्थलों के पास के क्षेत्र भी शामिल हैं।
इस्राएल में, हाइफ़ा में एक तेल रिफाइनरी पर मिसाइलें दागी गईं, जो देश के घरेलू ईंधन उत्पादन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कतर के रास लाफान संयंत्र को व्यापक क्षति पहुंची है, जिससे तरलीकृत प्राकृतिक गैस के निर्यात पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की आशंका है।
संयुक्त अरब अमीरात में, मिसाइल हमलों और मलबा गिरने के बाद हबशान गैस संयंत्र और बाब तेल क्षेत्र सहित प्रमुख संयंत्रों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद है, जिससे तेल और ऊर्जा आपूर्ति बाधित है।
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