भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो ने सैटेलाइट में आई तकनीकी ख़राबी के कारण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के प्रोबा-3 अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण के समय में बदलाव किया है। अब इसका प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से पी.एस.एल.वी. सी-59 से आज शाम चार बजकर बारह मिनट पर किया जाएगा।
इसरो द्वारा आज प्रोबा3 सैटेलाइट का कक्षा को भेजना अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उत्तम उदाहरण है और इसरो के इंजीनियरिंग श्रेष्ठता को भी दर्शाता है। इसी कारण यूरोपीयन स्पेस एजेंसी ने अपने उपग्रह को अंतरिक्ष पहुंचाने के लिए इसरो का चयन किया है। आज पीएसएलवी अपनी 61वीं उड़ान भरेगा जिसमें 26 बार इसरो ने पीएसएलवी एक्सेल9 का प्रयोग किया है। प्रोबा-3 सैटेलाइट को अंडे के आकार वाले कक्षा में पहुंचाया जाएगा, जो काफी मुश्किल काम है। सेटेलाइट भूमि से 6530 किलोमीटर दूर और 600 किलोमीटर पास वाले कक्षा में घूमेगा। पीएसएलवी में दो सेटेलाइट है जो एक के ऊपर एक रखे गए हैं और कक्षा में अलग होंगे।
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