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भारत-अमरीका संयुक्त HADR जल-थल अभ्यास – टाइगर ट्राइंफ उद्घाटन समारोह का संयुक्त वक्तव्य

भारत और अमरीका के बीच द्विपक्षीय संयुक्त मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) जल-थल अभ्यास के चौथे संस्करण – टाइगर ट्रायम्फ 2025 का उद्घाटन समारोह 01 अप्रैल, 2025 को भारतीय नौसेना के आईएनएस जलाश्व (एल41) पर आयोजित किया गया। यह अभ्यास अमरीका-भारत के सामरिक समुद्री हितों और दोनों देशों की रक्षा साझेदारी में बढ़ती निकटता को दर्शाता है। वर्तमान संस्करण का उद्देश्य बड़े पैमाने पर एचएडीआर गतिविधियों के दौरान आपसी सहभागिता की क्षमता को और बढ़ाना तथा सभी डोमेनों में संयुक्त परिचालन करना है।

इस अभ्यास का बंदरगाह चरण 01-07 अप्रैल, 2025 तक विशाखापत्तनम में आयोजित किया जा रहा है। इसमें समुद्र में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के निष्पादन के लिए योजना प्रक्रिया के साथ-साथ टाइगर ट्रायम्फ के पिछले संस्करणों में शुरू किये गए कार्यक्रमों को और परिष्कृत करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, बंदरगाह चरण में विभिन्न व्यावसायिक विषयों पर प्रशिक्षण एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान (एसएमईई) कार्यक्रम जैसी प्रमुख सैन्य गतिविधियों, आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रक्रियाएं और वायु, समुद्री, साइबर तथा अंतरिक्ष क्षेत्रों में युद्धाभ्यास शामिल होंगे। इन आदान-प्रदान कार्यक्रमों से दोनों देशों की सेनाओं को सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने और सशक्त संबंध बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सौहार्द बढ़ाने तथा व्यक्तिगत संबंध विकसित करने के लिए खेल कार्यक्रमों और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के दौरे का भी समन्वय किया जाएगा।

समुद्री चरण 08-12 अप्रैल 2025 तक चलेगा और इस दौरान दोनों देशों के सेनाएं संयुक्त सैन्य कमान एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से समुद्री, जलस्थल तथा एचएडीआर संचालन के लिए प्रशिक्षण हेतु मिलकर काम करेंगी। यह चरण काकीनाडा में जलस्थलीय लैंडिंग के बाद एक संयुक्त मानवीय राहत व चिकित्सा प्रतिक्रिया शिविर की स्थापना के साथ संपन्न होगा। भारतीय नौसेना की ओर से भाग लेने वाली इकाइयों में लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक आईएनएस जलाश्व, इंटीग्रल लैंडिंग क्राफ्ट और हेलीकॉप्टर, दिल्ली श्रेणी के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मुंबई (डी62), मगर श्रेणी के जल थल हमले वाले जहाज, दीपक श्रेणी के बेड़े के टैंकर आईएनएस शक्ति (ए57) और पीबीआई लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान, एमएच60आर हेलीकॉप्टर तथा हॉक विमान शामिल हैं। भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व एक इन्फैंट्री बटालियन समूह द्वारा किया जाएगा, जिसमें मैकेनाइज्ड फोर्सेस और तीनों सेनाओं के विशेष कार्रवाई बल भी शामिल होंगे। इस अभ्यास में साइबर और अंतरिक्ष विशेषज्ञ भाग लेंगे। भारतीय वायु सेना सी130, एमआई-17 वी5 की क्षमता का प्रदर्शन करेगी और हवाई पोर्टेबल भीष्म चिकित्सा उपकरण का प्रदर्शन भी होगा। अभ्यास में भाग लेने वाले अमरीकी टास्क फोर्स में अमरीकी नौसेना व्हिडबे आइलैंड-क्लास डॉक लैंडिंग शिप यूएसएस कॉमस्टॉक (एलएसडी 45) शामिल होगा, जिसमें 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट व 1 लाइट आर्मर्ड रिकोनैसेंस बटालियन के अमरीकी मरीन शामिल होंगे और साथ ही आर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक यूएसएस राल्फ जॉनसन (डीडीजी 114) तथा नौसेना का पी8ए पोसाइडन विमान भी इसमें भाग लेगा। अमरीकी अंतरिक्ष सेना और वायु सेना क्रमशः विषय वस्तु विशेषज्ञों तथा सी-130 जे विमान के साथ इस अभ्यास को सहयोग दे रही हैं। अमरीकी सेना का प्रतिनिधित्व एक प्लाटून, मेडिकल प्लाटून, सिविल-सैन्य संचालन केंद्र और मल्टी-डोमेन टास्क फोर्स संयुक्त सूचना प्रभाव फ्यूजन सेल द्वारा किया जाएगा।

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