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खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और चिली में विदेशी महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों के अधिग्रहण के अवसर तलाश रहा है

खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (केएबीआईएल) नामक एक संयुक्त उद्यम कंपनी को तीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड और मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड के इक्विटी योगदान के साथ शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य भारतीय घरेलू उद्योग के लिए सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विदेशों में खनिजों की खोज, अधिग्रहण, विकास, खनन, प्रसंस्करण, खरीद और बिक्री करना है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए, केएबीआईएल वर्तमान में लीथियम और कोबाल्ट जैसी विदेशी महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों के अधिग्रहण के अवसर तलाश रहा है और अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया एवं चिली की परियोजनाओं में पहल कर रहा है।

अर्जेंटीना में, केएबीआईएल ने अर्जेंटीना की राज्य के स्वामित्व वाली कंपनी के साथ एक खोज और विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं तथा अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में लीथियम ब्लॉकों की खोज और विकास के लिए विशिष्टता अधिकार प्राप्त किए हैं। केएबीआईएल ने खोज गतिविधियां शुरू करने के लिए अपेक्षित वैधानिक मंजूरी और अन्य कार्यों को करने के लिए गतिविधियां शुरू कर दी हैं।

ऑस्ट्रेलिया में, केएबीआईएल ने क्रिटिकल मिनरल ऑफिस (सीएमओ), उद्योग, विज्ञान और संसाधन विभाग (डीआईएसईआर), ऑस्ट्रेलिया सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि ऑस्ट्रेलिया की लीथियम और कोबाल्ट कंपनी खनन परिसंपत्तियों में संयुक्त उचित परिश्रम और आगे निवेश किया जा सके। इससे केएबीआईएल को देश में लीथियम और कोबाल्ट की स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक निवेश के बारे में निर्णय लेने एवं उठान व्यवस्था करने में भी मदद मिलेगी। केएबीआईएल ने चिली में ब्राइन किस्म के लीथियम ब्लॉक की खोज के लिए चिली की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ईएनएएमआई के साथ एक एनडीए समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। केएबीआईएल दीर्घकालिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की समृद्ध क्षमता वाले अन्य देशों में संभावनाएं तलाशने का लगातार प्रयास कर रही है।

सीआईएल ने सरकार द्वारा जारी आरएफआई के सापेक्ष अपनी रुचि की अभिव्यक्ति भी प्रस्तुत की है। इसका उद्देश्य चिली में लीथियम युक्त लवण या अन्य प्रकार के भंडार की खोज, निष्कर्षण और प्रसंस्करण करना है। सीआईएल ने महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं में संभावित निवेश की व्यवहार्यता की जांच के लिए विभिन्न देशों की कंपनियों के साथ गैर-प्रकटीकरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

खनिज सुरक्षा साझेदारी (एमएसपी) का उद्देश्य मूल्य श्रृंखला के साथ रणनीतिक परियोजनाओं के लिए लक्षित वित्तीय और राजनयिक समर्थन की सुविधा प्राप्त करने के लिए मेजबान सरकारों और उद्योग के साथ काम करके विविध एवं टिकाऊ महत्वपूर्ण ऊर्जा खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के विकास में तेजी लाना है। एमएसपी भागीदारों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, नॉर्वे, कोरिया गणराज्य, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं। एमएसपी भागीदार वैश्विक खनिज क्षेत्र में पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) मानकों को ऊपर उठाने का प्रयास कर रहे हैं। एमएसपी केवल उन परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है जो उच्च, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ईएसजी मानकों को पूरा करते हैं और स्थानीय मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुदायों का विकास करते हैं, इस मान्यता में कि सभी देश वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा पारगमन से लाभान्वित हो सकते हैं। एमएसपी द्वारा समर्थित परियोजनाओं के पूरे जीवनकाल में कड़े ईएसजी मानकों का पालन किया जाएगा।

यह जानकारी केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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