नई दिल्ली; 06 मार्च 2025: लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि भारत के ऊर्जावान और दूरदर्शी युवा पूरी दुनिया में इनोवेशन और रिसर्च में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। अध्यक्ष महोदय ने भारतीय महिलाओं की अद्वितीय शक्ति और सामर्थ्य की सराहना करते हुए कहा कि भारत की प्रगति और विकास में महिलाएं अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं व्यापक अवसरों का लाभ उठाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं और आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में वे देश में पथप्रदर्शक के रूप में उभरेंगी। ओम बिरला ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के सुप्रसिद्ध श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव में छात्रों और अन्य आमंत्रित व्यक्तियों को संबोधित करते हुए ये विचार साझा किए।
तकनीकी प्रगति के बारे में बात करते हुए, ओम बिरला ने स्वीकार किया कि तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी हमारे दृष्टिकोण को व्यापक करती है। परंतु, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि तकनीकी क्रांति को अपनाते हुए हमें इसके सामाजिक पहलू और इससे उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के बारे में सचेत रहना चाहिए। नवाचार और अनुसंधान में भारत की बढ़ती कुशलता के बारे में बात करते हुए, ओम बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत जल्द ही दुनिया में परिवर्तन और प्रगति का अग्रदूत होगा और भारत के युवा और महिलाएं निस्संदेह दुनिया के भविष्य को निर्धारित करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं की अपार क्षमता का जिक्र करते हुए उन्हे इस वैश्विक परिवर्तन का ध्वजवाहक बनने का आह्वान किया ।
ओम बिरला ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में छात्रों को रचनात्मकता और विशाल दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों को यह संदेश भी दिया कि असफलता सफलता की जननी है, तथा दृढ़ संकल्प और परिश्रम ही सफलता का मार्ग है।
अपने निजी अनुभवों को साझा करते हुए, ओम बिरला ने विद्यार्थी जीवन को जीवन का “स्वर्णिम चरण” बताया और कहा कि इस समय उनके पास असीम अवसर और संभावनाएँ हैं । उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे शीघ्र अपनी दिशा तय करें, लक्ष्य निर्धारित करें और दृढ़ संकल्प के साथ उन्हें प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए महत्वाकांक्षा के साथ ही दृढ़ निश्चय और अटल इरादे की जरूरत होती है।
ओम बिरला ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे संसाधनों की कमी को अपनी प्रगति में बाधा न बनने दें। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल स्थितियाँ हमें अवसरों तक ले जाती हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि दृढ़ संकल्प से चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है, ओम बिरला ने आत्मविश्वास के महत्व पर भी बल दिय। उन्होंने यह भी कहा कि सशक्त और सकारात्मक सोच से समाज और राष्ट्र की बेहतरी में योगदान देने के साथ ही व्यक्तिगत लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्नत कंप्यूटर संगणन विकास केंद्र (सी-डैक), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और भारतीय भूवैज्ञानिक…
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज राज्यसभा को बताया कि पिछले पांच वर्षों में…
राज्यसभा की स्वीकृति के साथ ही संसद ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026…
झारखंड लोकसेवा आयोग-जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच…
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार और विभिन्न राज्यों की सरकारें जंतर-मंतर…
भारत और उज़्बेकिस्तान ने कल नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान महत्वपूर्ण खनिजों,…