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महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल सी.पी.राधाकृष्‍णन उप-राष्‍ट्रपति चुनाव में NDA के उम्‍मीदवार होंगे

महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी होंगे। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कल नई दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद इसकी घोषणा की। जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि गठबंधन के सभी सहयोगियों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य सभी दलों के साथ समन्वय स्थापित कर उपराष्ट्रपति चुनाव सर्वसम्मति से कराना है। जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में गठबंधन के सहयोगियों और विपक्षी दलों से इस संबंध में संपर्क किया गया है।

सभी के साथ चर्चा हुई, सुझाव मांगे गए। और उसके बाद से यह तय हुआ कि हमारे उपराष्‍ट्रपति के प्रत्‍याशी के रूप में हमारे महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल सी पी राधाकृष्‍णन जी चन्‍द्रपुरम पुन्‍नास्‍वामी राधाकृष्‍णन जी उनको हम एनडीए का प्रत्‍याशी बनाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के इस फैसले का स्‍वागत किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा कि सी पी राधाकृष्‍णन ने सार्वजनिक सेवा के लम्‍बे दौर में अपनी विनम्रता, बुद्धिमत्‍ता और समर्पण से अलग पहचान बनायी है। विभिन्‍न पदों पर रहते हुए उन्‍होंने हमेशा जनसेवा और समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर ध्‍यान दिया।

प्रधानमंत्री ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि सी पी राधाकृष्‍णन एक सशक्‍त और प्रेरक उपराष्‍ट्रपति होंगे। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने भी सी पी राधाकृष्‍णन को उपराष्‍ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्‍मीदवार मनोनीत किये जाने पर बधाई दी है।

राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद के लिए दक्षिण भारत के अन्य पिछड़ा वर्ग के पहले नेता हैं। एक छात्र नेता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ जैसे संगठनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे। सी पी राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए और डेढ़ लाख से ज़्यादा मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की। संसद सदस्य के रूप में, वे संयुक्त राष्ट्र और बाद में ताइवान गए, भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। तमिलनाडु में, उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाया। सी पी राधाकृष्णन झारखंड, तेलंगाना, पुडुचेरी और महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रह चुके हैं। झारखंड में, उन्होंने केवल चार महीनों के भीतर सभी 24 जिलों का दौरा किया और ज़मीनी स्तर पर शासन को मज़बूत करने के लिए नागरिकों और अधिकारियों से सीधे संवाद किया। तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सी पी राधाकृष्णन पेशे से एक कृषक और उद्योगपति हैं। वे अपनी ईमानदारी, दूरदर्शिता और बेदाग सार्वजनिक जीवन के लिए जाने जाते हैं।

उपराष्ट्रपति का चुनाव नौ सितम्बर को होगा। जगदीप धनखड़ के त्यागपत्र के कारण यह चुनाव हो रहा है।

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