कोयला मंत्रालय ने अपने महत्वाकांक्षी कोयला गैसीकरण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करते हुए योजना की श्रेणी- I और III के अंतर्गत चयनित आवेदकों की घोषणा की है। यह विकास देश में एक स्वच्छ, ज्यादा टिकाऊ कोयला भविष्य को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है। वित्तीय प्रोत्साहन के लिए चयनित आवेदक निम्नलिखित हैं:
श्रेणी I (सरकारी पीएसयू/सरकारी पीएसयू के संयुक्त उद्यम):
श्रेणी III (प्रदर्शन परियोजनाएं/लघु-स्तरीय उत्पाद-आधारित संयंत्र):
यह घोषणा श्रेणी I और III के अंतर्गत प्रक्रिया के सफल समापन को चिह्नित करती है और देश में कोयला गैसीकरण उद्योग में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
कोयला मंत्रालय ने कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित 8,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ वित्तीय प्रोत्साहन योजना शुरू की है, जो 2030 तक देश में 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्योग जगत ने तीन श्रेणियों के अंतर्गत शुरू की गई इस योजना में मजबूत दिलचस्पी दिखाई है, जिसमें श्रेणी I और III के अंतर्गत पांच आवेदन प्राप्त हुए हैं।
कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन योजना के माध्यम से स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों में नवाचार को बढ़ावा देने और हजारों नई नौकरियां उत्पन्न होने का अनुमान है, जो स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए भारत के परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कोयला मंत्रालय देश में कार्बन फुटप्रिंट में कमी लाते हुए सतत ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने वाली पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश में पर्यावरण के दृष्टिकोण से जिम्मेदार ऊर्जा परिदृश्य का मार्ग प्रशस्त होता है।
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