राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने उत्तर प्रदेश और सिक्किम की जैव विविधता प्रबंधन समितियों को 18 लाख 30 हजार जारी किए हैं। यह जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पहुँच और लाभ साझाकरण राशि है।
यह धनराशि संबंधित राज्य जैव विविधता बोर्डों के माध्यम से सीधे दो बीएमसी को हस्तांतरित कर दी गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अकराबाद कौल तालुक में स्थित नरराऊ गांव जैव विविधता प्रबंधन समिति और सिक्किम के अरितार में स्थित लाम्पोखरी झील क्षेत्र में स्थित जैव विविधता प्रबंधन समिति शामिल हैं।
एक कंपनी ने लिग्नोसेल्यूलोसिक बायोमास (पौधों या फसलों से प्राप्त जैविक कचरा) से किण्वनीय यौगिक बनाने के लिए नरराऊ गाँव में फसल सामग्री का उपयोग किया। एक अन्य कंपनी ने अनुसंधान के उद्देश्य से लाम्पोखरी झील क्षेत्र से एकत्रित जल और मिट्टी के नमूनों से सूक्ष्मजीवों का उपयोग किया।
इन निधियों को निर्देशित करके, एनबीए इन स्थानीय संरक्षकों को जैव विविधता संरक्षण और उनके संसाधनों के सतत प्रबंधन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बना रहा है।
इटली के अखबार कोरिएरे देल्ला सेरा की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई विमान के ओमानी सह-पायलट…
उत्तर प्रदेश में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच लखनऊ जिला प्रशासन ने राहत…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी. पाहमला आज नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता…
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि अंतररष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला…
भारत और कनाडा कल से ओटावा में प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सी. ई. पी.…
एशिया खेल 2026 का जापान के नागोया में आधिकारिक समापन हो गया है। इस दौरान…