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NCB ने आज तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नार्को सिंडिकेट के खिलाफ मोदी सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप, NCB ने आज तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है।

X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार की नार्को सिंडिकेट के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत NCB ने आज तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मिशन के तहत, हमारी नार्कोटिक्सरोधी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मज़बूत नेटवर्क के ज़रिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है। अमित शाह ने कहा कि ड्रग सरगना कहीं भी छिप जाएं, अब उनके लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, सलीम डोला की वापसी सरकार के सभी नार्कोटिक्स भगोड़ों और संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों को कानून के कटघरे में लाने के मज़बूत इरादे को दर्शाती है।

NCB ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर, ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ के तहत वांछित ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से वापस लाने में सफलता हासिल की है। आज सुबह नई दिल्ली के IGI हवाई अड्डे पर पहुँचते ही NCB ने उसे हिरासत में ले लिया।

सलीम डोला (59 वर्ष, मुंबई निवासी) के खिलाफ मार्च, 2024 में भारत के अनुरोध पर INTERPOL रेड नोटिस जारी किया गया था। भारत में कई नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में मुकदमा चलाने के लिए उसकी तलाश थी और वह भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर था। पिछले कुछ वर्षों में, डोला ने मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैला हुआ एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट खड़ा कर लिया था। डोला के दो दशकों के आपराधिक इतिहास में महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मैंड्रेक्स और मेथामफेटामाइन की बड़ी खेप पकड़े जाने से जुड़े मामलों में डोला की सीधी भूमिका है। सलीम डोला की भूमिका भारत में निचले स्तर के वितरण नेटवर्क के लिए एक थोक सप्लायर के रूप में लगातार सामने आती रही है। इसके अलावा, गुजरात ATS और मुंबई पुलिस को भी उसकी तलाश थी। इससे पहले, उसके बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को 2025 में UAE से प्रत्यर्पण/वापसी के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यह प्रयास तुर्की के अधिकारियों, INTERPOL और भारतीय एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग और समन्वित कार्रवाई का एक बेहतरीन उदाहरण है।

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