एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज संयुक्त संकल्प पत्र जारी किया।संकल्प पत्र में रोजगार सर्जन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। बिहार के एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की भी घोषणा की गई है। जिसमें एक करोड़ सरकारी नौकरियों, किसानों को एमएसपी की गारंटी और पांच लाख रुपये तक के मुफ़्त इलाज का वादा किया गया।
एनडीए के घोषणापत्र में केजी से लेकर पीजी तक गरीब परिवारों को मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा की गई है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि बिहार गति शक्ति प्लान के तहत सात नए एक्सप्रेसवे राज्य में बनाए जाएंगे। इसके अलावा बिहार में विश्वस्तरीय एजुकेशन सिटी बनाने और पटना के पास नया ग्रीनफ़ील्ड शहर बसाने की भी घोषणा की गई है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए, 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर में किया जाएगा। इधर, कांग्रेस ने एनडीए के घोषणापत्र को “झूठ का पुलिंदा” बताया है। धर्मेंद्र कुमार राय, आकाशवाणी समाचार, पटना।
मुख्यमंत्री नितिश कुमार, भाजपा अध्यक्ष जे.पी नड्डा, प्रदेश भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और एनडीए के अन्य नेताओं की उपस्थिति में यह संकल्प पत्र जारी किया गया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि एनडीए के चुनाव घोषणा पत्र का मतलब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार का विश्वास है।
एनडीए का मेनिफेस्टो यानि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का गारंटी और आदरणीय मुख्यमंत्री नीतिश कुमार जी का विश्वास। इसको कहते हैं एनडीए का मेनिफेस्टो और पांच पांडव आज साथ बैठकर अपने महाभारत के पहले इस मेनिफैस्टो को जारी कर रहे हैं। मतदाता मोदी जी के गारंटी पर और नीतिश कुमार जी पर विश्वास करती है।
वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए ने पहले भी बिहार के लोगों के लिए काम किया है और आने वाले वर्षों में भी करता रहेगा।
ओबीसी हो, अति पिछड़ा हो, दलित समाज हो, नौजवान हो, किसान हो, महिला हो, सबको फोकस किया गया है और एनडीए ने आज भी काम किया और कल भी काम करेगी।
एनडीए के घोषणापत्र पर निशाना साधते हुए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि “एनडीए पिछले 20 सालों से बिहार की सत्ता में है और उसे घोषणापत्र जारी करने के बजाय रिपोर्ट कार्ड लेकर आना चाहिए।”
बीस बरस पहले जब आपकी सरकार बनी थी तब भी देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य बिहार था और आज भी देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य बिहार है। एनडीए को ये बताना चाहिए कि बिहार मे पलायन क्यों नहीं रूका। बिहार में रोजगार अभी तक क्यों नहीं आया। फैक्ट्रियां क्यों नहीं लगीं, बिहार में शिक्षा व्यवस्था क्यों ध्वस्त है। जो सत्ता में है उसको तो अपना रिपोर्ट कार्ड देना चाहिए। बिना रिपोर्ट कार्ड के और एक घोषणा पत्र और एक वादा करना उसका तो कोई मतलब ही नहीं है।
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