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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आरआरबी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की भर्ती प्रक्रिया की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।

भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में छह प्रमुख कैटेगरी में 47,084 रिक्तियों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी करते हुए 43,781 उम्मीदवारों को भर्ती किया है, जो इसकी भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी को दर्शाता है। इनमें सहायक लोको पायलट के लिए 18,799 रिक्तियां, तकनीशियनों के लिए 14,298, उप-निरीक्षकों के लिए 452, कांस्टेबलों के लिए 4,208, जूनियर इंजीनियर (जेई)/डीएमएस/सीएमए के लिए 7,951 और पैरामेडिकल श्रेणियों के लिए 1,376 रिक्तियां शामिल हैं।

रेलवे भर्ती बोर्डों की भर्ती प्रक्रिया जटिल और व्यापक होती है, जिसमें देशभर के कई शहरों और केंद्रों में परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को देखते हुए ये कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं कई चरणों में आयोजित की जाती हैं और विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमियों के उम्मीदवारों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यह 15 भाषाओं में आयोजित की जाती हैं। इस बहु-शहर, बहु-चरण और बहुभाषी ढांचे के लिए व्यापक समन्वय और सुदृढ़ तकनीकी प्रणालियों की आवश्यकता होती है, ताकि पूरी भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता, मानकीकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

रेल मंत्री ने कहा कि वार्षिक भर्ती कैलेंडर और रिक्तियों की त्रैमासिक अधिसूचनाओं को उम्मीदवारों ने काफी पसंद किया है। उन्होंने कहा कि कैलेंडर आधारित भर्ती प्रणाली से उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की योजना अधिक प्रभावी ढंग से बनाने में मदद मिली है। इससे भर्ती प्रक्रिया में अधिक स्पष्टता और निश्चितता आती है। अश्विनी वैष्णव ने निरंतर सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि रेलवे भर्ती प्रणाली को प्रौद्योगिकी, त्वरित प्रक्रियाओं और अधिक जवाबदेही के माध्यम से लगातार बेहतर बनाते रहना चाहिए।

अश्विनी वैष्णव ने विभागीय परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) मोड में बदलने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की और इस बात पर बल दिया कि जहां भी संभव हो, अधिक से अधिक टैबलेट आधारित परीक्षाएं शुरू की जानी चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया तेज, अधिक कुशल और उपयोगकर्ता के अनुकूल हो सके।

परीक्षाओं में बहुभाषी सहायता पर भी जोर दिया गया, क्योंकि परीक्षाएं पहले से ही अलग-अलग शहरों में और कई शिफ्टों में कई भाषाओं में कराई जा रही हैं, जिससे देश भर में विविध भाषाई पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के लिए व्यापक पहुंच सुनिश्चित होती है और भाषा की रूकावट के बिना भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्ष और समान भागीदारी सुगम होती है।

केंद्रीय मंत्री ने रेलवे भर्ती बोर्डों को उम्मीदवारों और संबंधित लोगों के साथ बेहतर संवाद करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गलत सूचनाओं का तुरंत सही जानकारी से खंडन किया जाना चाहिए, ताकि उम्मीदवारों को सटीक जानकारी मिलती रहे और भर्ती प्रक्रिया पर उनका भरोसा बना रहे।

भारतीय रेलवे देश भर के युवा उम्मीदवारों के लाभ के लिए प्रौद्योगिकी, व्यवस्थित योजना और निरंतर सुधारों पर आधारित एक निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता-आधारित भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है।

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