संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों से मूल्य प्राप्त करने के उद्देश्य से,भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों की संभावित सूची को अंतिम रूप दिया है। यह सूची ‘टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (टीओटी) और ‘इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ (InvIT) माध्यमों के तहत मुद्रीकरण के लिए तैयार की गई है। यद्यपि इस सूची में उन संपत्तियों को शामिल नहीं किया गया है, जिनका मुद्रीकरण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ‘राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ (आरआईआईटी) के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है।
यह पहल भारत सरकार की ‘संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति’ का हिस्सा है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों का लाभ उठाकर, भावी बुनियादी ढांचा विकास के लिए पूंजी जुटाना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार तथा आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करना है। इससे निवेशकों/बोलीदाताओं को अपने निवेश की योजना अधिक कुशल तरीके से बनाने में मदद मिलेगी।
पहचानी गई इन राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों की कुल संयुक्त लंबाई 1692.5 किलोमीटर है, जिसमें नौ राज्यों—हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र—के विभिन्न खंड शामिल हैं। ये राजमार्ग संपत्तियां सामूहिक रूप से ऐसे आर्थिक और लॉजिस्टिक्स गलियारों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनमें यातायात की अच्छी-खासी संभावना है और जो कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुद्रीकरण की यह प्रक्रिया टीओटी और InvIT फ्रेमवर्क के तहत पारदर्शी और व्यवस्थित तंत्रों के माध्यम से पूरी की जाएगी। ये फ्रेमवर्क राष्ट्रीय राजमार्गों के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए दीर्घकालिक संस्थागत निवेश आकर्षित करने में सफल मॉडल साबित हुए हैं। ये फ्रेमवर्क, सतत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नवीन वित्तपोषण तंत्रों को अपनाते हुए, परिसंपत्ति के कुशल प्रबंधन और परिचालन उत्कृष्टता को भी सुनिश्चित करते हैं।
यह पहल एनएचएआई की उस प्रतिबद्धता को भी और मज़बूत करती है, जिसके तहत वह आधुनिक, सुदृढ़ और सतत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रयासरत है। इस नेटवर्क का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, लॉजिस्टिक्स की दक्षता बढ़ाना और पूरे देश में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
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