राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कम से कम सात लोगों की मौत एवं 40 से ज्यादा लोगों के बीमार पड़ने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। खबरों के अनुसार, स्थानीय निवासी कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत कर रहे थे लेकिन अधिकारियों ने इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
आयोग के अनुसार, अगर मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही है तो इससे यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। अतः आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
31 दिसंबर 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में पीने का पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन एक सार्वजनिक शौचालय के नीचे से गुजरती है। पाइपलाइन में रिसाव होने के कारण सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल गया था। इसके अलावा, इलाके में कई जल वितरण लाइनें भी टूटी हुई थी जिसके कारण दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा था।
वायु सेना के मालवाहक जहाज ने लद्दाख में 13,629 फीट की ऊंचाई पर स्थित न्योमा…
भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने रेलवे नेटवर्क में चल रही अनाधिकृत ई-कैटरिंग…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र के सामरिक…
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कर्नाटक सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बलों से हर समय उच्च स्तर की परिचालन तैयारी…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ…