राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में चार लोगों के एक समूह ने दिनदहाड़े एक सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक की हत्या कर दी। कथित तौर पर, पीड़ित एक कार्यकर्ता था जो क्षेत्र में वक्फ भूमि के अतिक्रमण के खिलाफ कानूनी मामले लड़ रहा था और उसे कुछ लोगों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस उनके खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं कर रही थी क्योंकि वह उनके साथ मिली हुई थी।
आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सत्य है, तो यह पीड़ित के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए, आयोग ने पुलिस महानिदेशक और जिला कलेक्टर, तिरुनेलवेली, तमिलनाडु को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
19 मार्च, 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस की निष्क्रियता और घोर लापरवाही के कारण उसकी हत्या हुई।
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