राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। इसमें कहा गया कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के एक निजी अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी में हुई गड़बड़ी के बाद कम से कम नौ मरीजों की संक्रमित आंख निकालनी पड़ी और नौ अन्य मरीजों की एक आंख की रोशनी चली गई। खबरों के मुताबिक, निजी अस्पताल में 1 फरवरी 2026 को आयोजित नेत्र चिकित्सा शिविर के दौरान 30 मरीजों की सर्जरी की गई।
आयोग का कहना है कि यदि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सच है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसलिए आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
20 फरवरी 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सर्जरी के 24 घंटे के भीतर ही मरीजों ने ऑपरेशन की गई आंख में गंभीर दर्द और स्राव की शिकायत करनी शुरू कर दी थी। कुल 18 मरीज संक्रमण से पीड़ित हो गए, जिसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी भेजा गया।
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