राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), ने राजस्थान के दौसा जिले में 150 फीट गहरे बोरवेल में लगभग 56 घंटे तक फंसे रहने से 11 दिसंबर , 2024 को पांच वर्षीय बच्चे की मौत संबंधी मीडिया की खबर पर स्वतः संज्ञान लिया है। कहा जा रहा है कि बच्चा खेत में खेलते समय बोरवेल में गिर गया था।
आयोग ने कहा है कि खबर सच है, तो यह मानवाधिकार के उल्लंघन का गंभीर मामला है। उसने कहा कि छोटे बच्चों के खुले/छोड़े गए बोरवेल और ट्यूबवेल में गिरने की ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं/घातक दुर्घटनाओं को रोकने संबंधी उच्चतम न्यायालय और केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अधिकारी पालन नहीं कर रहे हैं। यह साफ तौर पर कर्तव्य के प्रति उनकी लापरवाही और लोगों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।
आयोग ने इस पर राजस्थान के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने मामले में दर्ज प्राथमिकी, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिजनों को दिए गए मुआवजे इत्यादि की जानकारी भी देने को कहा है।
12 दिसंबर 2024 की मीडिया खबर के अनुसार नाबालिग बच्चे को रस्सी के सहारे बेहोशी की हालत में बोरवेल से बाहर निकाला गया। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कल प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी-सी.जे.पी. के विरोध प्रदर्शन को अनुमति…
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इस्राइल के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान से सम्मानित किया…
अमरीका के श्रम विभाग द्वारा कुछ कंपनियों के स्थायी श्रम प्रमाणन-पी.ई.आर.एम. कार्यक्रम पर लगाई गई…
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा है कि मौजूदा अल नीनो की स्थिति और…
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बताया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा कारणों…
रेल मंत्रालय ने बताया है कि आज दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती गंतव्यों…