राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने जनवरी से 22 मई 2026 के बीच पांच महीने से भी कम समय में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 19 जवानों की आत्महत्या से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। सीआरपीएफ के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में आत्महत्या के कारण बल ने 59 जवान खो दिए। बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में आत्महत्याओं की यह सबसे अधिक संख्या है।
आयोग ने कहा है कि यदि ये तथ्य सत्य हैं, तो यह देश के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में कार्यरत कर्मियों के जीवन के अधिकार के उल्लंघन का गंभीर मामला बनता है। आयोग ने गृह सचिव और सीआरपीएफ के महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
11 अगस्त 2026 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में सीआरपीएफ के कुल 281 जवानों ने आत्महत्या की। इनमें से लगभग 216 जवान ड्यूटी पर थे। सीआरपीएफ में 2021 में 57, 2022 में 43, 2023 में 57, 2024 में 46 और 2025 में आत्महत्या के 59 मामले दर्ज किए गए।
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