भारत

नीति आयोग ने स्थानीय जल सुरक्षा बढ़ाने के लिए आकांक्षी ब्लॉकों में जल बजट पर एक रिपोर्ट जारी की

नीति आयोग ने आज “आकांक्षी ब्लॉकों में जल बजट” पर एक रिपोर्ट जारी की । रिपोर्ट प्रभावी जल प्रबंधन हेतु स्थानीय जल बजट प्रयास को दर्शाती है। यह रिपोर्ट नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल द्वारा जारी की गई। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री के ” विकसित भारत@2047″ के दृष्टिकोण के अनुरूप है जो भारत के विविध परिदृश्यों में सतत और समतापूर्ण जल सुरक्षा की आवश्यकता पर बल देती है।

रिपोर्ट के प्रमुख पहलुओं का उल्लेख करते हुए , सदस्य ने सुझाव दिया कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए, ताकि समुदाय को शामिल करते हुए जल उपलब्धता की स्थिति में सुधार लाया जा सके, जिससे जल तक पहुंच के माध्यम से बेहतर आजीविका परिणाम प्राप्त हो सकें और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त हो सके।

जल बजट निर्धारण प्रक्रिया, बब्लॉक स्तर पर जल सुरक्षा योजना को बेहतर बनाने और एकीकृत जल प्रबंधन के लिए वेब-आधारित प्लेटफ़ॉर्म वरुणी का उपयोग करती है। यह प्रमुख क्षेत्रों: मानव, पशुधन, कृषि और उद्योग, में जल की माँग का अनुमान लगाने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण प्रदान करता है, साथ ही अपवाह, सतही जल, भूजल और जल स्थानांतरण जैसे विभिन्न स्रोतों से होने वाली आपूर्ति का भी ध्यान रखता है।

रिपोर्ट में जल उपलब्धता की विभिन्न विशेषताओं वाले 18 आकांक्षी ब्लॉकों में अनुकूलित रणनीतियों को अपनाने की आवश्यकता कण उल्लेख किया गया है। देश के 11 राज्यों के 8 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में फैले ये ब्लॉक जल संसाधन चुनौतियों की विविधता की एक झलक प्रदान करते हैं।

जल बजट प्रत्येक ब्लॉक के लिए जल मांग-आपूर्ति परिदृश्य, चुनौतियों और सिफारिशों से संबंधित जानकारी प्रदान करता है और जल सुरक्षा बढ़ाने के लिए उपयुक्त उपायों की पहचान करता है। यह निदान उपकरण डेटा-आधारित दृष्टिकोण की सहायता से सक्रिय जल प्रबंधन की ओर बढ़ने में मदद करेगा।

जैसे-जैसे नीतियां जल संसाधन प्रबंधन, डिजिटल शासन और परिणाम आधारित योजना के लिए अभिसारी दृष्टिकोण की ओर बढ़ रही हैं, इस तरह के उपकरण भारत के जलवायु लचीलेपन और सतत विकास के लिए व्यापक परिवर्तन में आधारशिला बनने की क्षमता रखते हैं।

इन आकांक्षी ब्लॉकों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर, यह अध्ययन क्षेत्र-आधारित विश्लेषण और वेब-आधारित जल बजटिंग प्लेटफ़ॉर्म, वरुणी , के माध्यम से प्राप्त डेटा इनपुट को एकीकृत करता है। यह रिपोर्ट जल उपयोग के प्रमुख बिंदुओं की पहचान और समान वितरण एवं लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण स्तरों तक पहुँचने से पहले जल बजट की स्थानीय तैयारी में जल उपयोग की योजना बनाने में मदद करेगी।

नीति आयोग ने जीआईज़ेड इंडिया के साथ मिलकर यह रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट को जारी करने के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रालयों, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, जल संसाधन विकास केंद्र, केरल सरकार, तकनीकी साझेदार जीआईज़ेड इंडिया और अन्य के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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