भारत

NTIPRIT ने ITU एरिया कार्यालय और इनोवेशन सेंटर के सहयोग से “मानकीकरण अंतर को पाटने” पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की

एनटीआईपीआरआईटी, गाजियाबाद में 15 और 16 मई 2024 को “मानकीकरण अंतर को पाटने” पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहयोगात्मक मानक-निर्धारण प्रक्रियाओं के महत्व को रेखांकित किया गया और वैश्विक आईसीटी मानकीकरण प्रयासों में योगदान के लिए भारत द्वारा उठाए जा रहे सक्रिय कदमों पर प्रकाश डाला गया। कार्यशाला का आयोजन दूरसंचार विभाग (डीओटी) के तहत राष्ट्रीय दूरसंचार नीति अनुसंधान, नवाचार और प्रशिक्षण संस्थान (एनटीआईपीआरआईटी), गाजियाबाद ने अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) क्षेत्र कार्यालय और इनोवेशन सेंटर, नई दिल्ली के सहयोग से किया था।

मधु अरोड़ा, सदस्य (प्रौद्योगिकी), डिजिटल संचार आयोग, दूरसंचार विभाग ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यशाला में दूरसंचार विभाग, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) सहित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र और स्टार्ट-अप की क्षेत्रीय इकाइयों के अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य दूरसंचार मानक लेखन कौशल विकसित करना है जो किसी भी देश के विकास के लिए आवश्यक है क्योंकि यह देश को भविष्य की प्रौद्योगिकियों को आकार देने, आर्थिक विकास को प्रोत्‍साहित करने, डिजिटल खाई को पाटने, वैश्विक अंतर-संचालनीयता सुनिश्चित करने, सुरक्षा बढ़ाने तथा सहयोग को बढ़ावा देने में सक्षम बनाता है।

मधु अरोड़ा ने अपने उद्घाटन भाषण में डिजिटल इक्विटी और तकनीकी प्रगति प्राप्त करने में मानकीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। एनटीआईपीआरआईटी के महानिदेशक देब कुमार चक्रवर्ती ने विभिन्न उद्योगों में अंतरसंचालनीयता, नवाचार और निर्बाध संचार सुनिश्चित करने में वैश्विक मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। मार्टिन एडोल्फ, स्टडी ग्रुप काउंसलर, आईटीयू ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार मानकों पर प्रारूप तैयार करने और आम सहमति प्राप्त करने की प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला।

इंटरएक्टिव और प्रशिक्षण सत्रों में आईटीयू-टी मानकीकरण प्रयासों में भागीदारी से लेकर मानकीकरण अंतर पाटने (बीएसजी) कार्यक्रम पर व्यापक प्रशिक्षण तक अनेक विषय शामिल किए गए। मे थी ऐ और मार्टिन एडॉल्फ सहित आईटीयू विशेषज्ञों ने इन सत्रों को सुविधाजनक बनाया।

समापन सत्र में आईटीयू क्षेत्र कार्यालय के वरिष्ठ सलाहकार आर शाक्य और एनटीआईपीआरआईटी के डीडीजी (आईसीटी) अतुल सिन्हा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह कार्यशाला भारत द्वारा 15 से 24 अक्टूबर, 2024 तक आयोजित की जाने वाली विश्व दूरसंचार मानकीकरण असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) की तैयारी गतिविधियों का हिस्सा थी। यह आगामी डब्ल्यूटीएसए-2024 में भारतीय विशेषज्ञों की बढ़ती भागीदारी के लिए मंच तैयार करता है, जो वैश्विक दूरसंचार नीति के क्षेत्र में अग्रणी होने की भारत की प्रतिबद्धता दिखाता है।

Editor

Recent Posts

सर्बानंद सोनोवाल ने पारादीप पत्तन पर ₹427.80 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्लू) सर्बानंद सोनोवाल ने ओडिशा के पारादीप स्थित…

21 घंटे ago

सरकार ने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और घरेलू स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना की घोषणा की

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने 62,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ मोबाइल…

21 घंटे ago

ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों ने जयपुर घोषणापत्र को पारित किया

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक आज जयपुर में संपन्न हुई। इस…

21 घंटे ago

CCI ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन और एग्रो इनपुट वेलफेयर एसोसिएशन पर मौद्रिक और गैर-मौद्रिक प्रतिबंध लगाए

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई/आयोग) ने कार्टेलाइजेशन (गुटबंदी) के प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए…

1 दिन ago