भारत ने “अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद” के बीच कोई अंतर नहीं होने की बात को रेखांकित करते हुए कहा है कि ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
फ्रांस के ल्योन में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के प्रमुखों के हाल ही में संपन्न 19वें इंटरपोल सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद ने संगठित अपराध, आतंकवाद और चरमपंथी विचारधाराओं के बीच साठगांठ से उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
प्रवीण सूद ने कहा कि ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और कहा कि “अच्छे आतंकवाद, बुरे आतंकवाद” के बीच कोई अंतर नहीं किया जा सकता।
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