आंध्रप्रदेश के कुरनूल में एक निजी बस में आग लगने से 20 से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाने की आशंका है। यह बस हैदराबाद से बेंगलूरू जा रही थी और कुरनूल जिले के उलिंडाकुंडा के पास आज तडके इसमें आग लग गई। बस में करीब 42 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 लोगों की मृत्यु हो जाने की आशंका है।
प्रारंभिक सूचना के अनुसार यह दुर्घटना उस समय हुई जब एक दोपहिया बाईक पीछे से बस से टकरा कर बस के नीचे आ गई और बाईक के पेट्रोल टैंक से निकली आग बस तक फैल गई। घायल यात्रियों को कुरनूल के सर्वजन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आंध्र प्रदेश के धरना में हुई लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में एक दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
पीएमओ इंडिया ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट किया: “आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुई दुर्घटना में जनहानि से अत्यंत दुःखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे: प्रधानमंत्री @narendramodi”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि…
ओडिशा की बैतरानी नदी में बाढ़ से राज्य के उत्तरी क्षेत्र में जन-जीवन प्रभावित हो…
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आज से 15 सितम्बर तक आम जनता के लिए खुला…
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने विदेशी संपत्तियों से जुड़े छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति…
भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने 15 अगस्त 2025 को,…