भारतीय भुगतान परिषद ने कहा है कि यूपीआई के माध्यम से किया जाने वाला डिजिटल भुगतान उपभोक्ताओं के लिए निशुल्क बना रहेगा। व्यापारियों से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। परिषद ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं के बीच होने वाले व्यावसायिक शुल्क का भुगतान उपभोक्ताओं को नहीं करना होगा।
यूपीआई के जरिए लेनदेन पर चार्ज लगने की खबरों में उपभोक्ताओं और छोटे दुकानदारों के बीच चिंता पैदा करती थी। इस भ्रम को पूरी तरह दूर करते हुए पेमेंट काउंसिल आफ इंडिया सीसीआई ने साफ किया है कि ग्राहकों के लिए यूपीआई सेवाएं पूरी तरह मुफ्त बनी रहेंगी। डिजिटल इंडिया की रफ्तार को बनाए रखने और वित्तीय समावेशन को सुरक्षित रखने के लिहाज से यह स्पष्टीकरण एक बड़ा राहत देने वाला कदम है। पीसीआई ने कहा है कि यूपीआई देश की महत्वपूर्ण डिजिटल व्यवस्था बन चुका है जिसका इस्तेमाल करोड़ों लोग रोजाना करते हैं बढ़ाते लेनदेन को देखते हुए सुरक्षा तकनीक और ढांचे को मजबूत बनाए रखना जरूरी है ताकि भविष्य में भी यूपीआई उपभोक्ताओं और कारोबारी के लिए सुचारू रूप से काम करता रहे।
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