वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार एवं निवेश संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए न्यूयॉर्क में अमरीका की अग्रणी कंपनियों के साथ बैठकें कीं
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस सप्ताह न्यूयॉर्क में अमरीका की अग्रणी कंपनियों के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ भारत-अमेरिका व्यापार को सुदृढ़ करने के अवसरों पर चर्चा करने और शीर्ष अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित करने के लिए कई बैठकें कीं।
पीयूष गोयल ने ब्लैकस्टोन के अध्यक्ष और सीओओ जोनाथन ग्रे एवं ब्लैकस्टोन के इंटरनेशनल प्राइवेट इक्विटी व्यवसाय के अध्यक्ष प्रकाश मेलवानी से मुलाकात की। चर्चा का मुख्य विषय भारत में प्रमुख सेक्टरों में ब्लैकस्टोन के निवेश और साझेदारी का विस्तार करना था।
पीयूष गोयल ने न्यूबर्गर बर्मन के चेयरमैन और सीईओ जॉर्ज वॉकर और उनकी नेतृत्व टीम के वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात की। चर्चा में निवेश संबंधों को गहरा करने और वित्तीय एवं धन प्रबंधन सेवाओं में भागीदारी को सुदृढ़ करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
पीयूष गोयल ने द एस्टी लॉडर कंपनीज़ के अध्यक्ष और सीईओ स्टीफ़न डी ला फ़ेवेरी से मुलाकात की। उन्होंने भारत में विकास के अवसरों पर चर्चा की, जिसमें विनिर्माण और सोर्सिंग में वृद्धि के माध्यम से विकास के अवसर और भारत के बढ़ते ब्यूटी एंड पर्सनल केयर मार्केट शामिल हैं।
आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा के साथ हुई उनकी मुलाकात में, भारत में आईबीएम की भागीदारी को और सुदृढ़ करने तथा एआई, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा केंद्रित रही।
मेटलाइफ के अध्यक्ष और सीईओ मिशेल ए. खलाफ के साथ बैठक में, चर्चा का केंद्र भारत में कंपनी के विकास के अवसरों और बीमा एवं वित्तीय सेवा सेक्टर के विस्तार पर रहा।
पीयूष गोयल ने जनरल अटलांटिक के चेयरमैन और सीईओ विलियम ई. फोर्ड से मुलाकात की और भारत के साथ कंपनी के निवेश एवं व्यापारिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के अवसरों पर चर्चा की।
पीयूष गोयल ने एआईए ग्रुप के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष मार्क टकर से भी मुलाकात की। चर्चा का केंद्र बिंदु भारत में एआईए की भागीदारी और बीमा एवं वित्तीय सेवा सेक्टरों में विद्यमान अवसर थे। इनमें भारत के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के विजन के संदर्भ में भी विचार-विमर्श शामिल था।
इन बैठकों ने वित्तीय सेवाओं, विनिर्माण, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, एआई और अन्य सेक्टरों में भारत की विकास संभावनाओं एवं निवेश के अवसरों पर चर्चा करने तथा भारत-अमरीका के आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान किया।





