प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति के साथ किए गए लापरवाही भरे व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो इस घटना से बहुत निराश है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, और उन्होंने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है उसने भारत के लोगों को बहुत दुःखी किया है।
श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतना लापरवाही भरा व्यवहार कर रही है।
राष्ट्रपति के कार्यालय को राजनीति से ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में कई उच्च स्तरीय व्यापार और…
मौसम विभाग ने जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में देश भर…
सर्वोच्च न्यायालय ने आज देश के सभी उच्च न्यायालयों को फैसले सुरक्षित रखने के तीन…
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 45 वर्ष पूरे…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित…
विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) 2026 के अवसर पर पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने आज कर्तव्य…