प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी जी के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह न केवल सूरीनाम के लिए बल्कि वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। दिवंगत नेता के साथ अपनी कई भेंटों का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सूरीनाम के लिए संतोखी जी की अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत बनाने के उनके प्रयास उनकी बातचीत में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रति संतोखी जी के विशेष लगाव की जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृत में शपथ लेने पर उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: मेरे मित्र और सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी जी के अचानक निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध और दुखी हूं। यह न केवल सूरीनाम के लिए बल्कि वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।
मुझे उनसे हुई कई मुलाकातें आज भी याद हैं। सूरीनाम के लिए उनकी अथक सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास हमारी बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे। उन्हें भारतीय संस्कृति से विशेष लगाव था। संस्कृत में शपथ लेने पर उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया था।
दुःख की इस घड़ी में मैं उनके परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। ऊं शांति।
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