प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोलंबो के पवित्र गंगारामया मंदिर में पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि अप्रैल 2025 में उनकी श्रीलंका यात्रा के दौरान यह निर्णय लिया गया था कि इन पवित्र अवशेषों को श्रीलंका लाया जाएगा, जिससे लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और श्रीलंका सदियों से चली आ रही साझा विरासत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से मजबूत होते गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों से बंधे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से पवित्र देवनीमोरी अवशेष श्रीलंका में पहुंचना दोनों देशों के बीच अटूट आध्यात्मिक बंधन का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भगवान बुद्ध का करुणा, शांति और सद्भाव का शाश्वत संदेश मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा और सीमाओं के पार एकता और समझ को बढ़ावा देगा।
एक्स पर अलग-अलग पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा: “कोलंबो के पवित्र गंगारामया मंदिर में पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के प्रति आभार।
अप्रैल 2025 में मेरी यात्रा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि ये अवशेष श्रीलंका लाए जाएंगे, जिससे लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलेगा। हमारे राष्ट्र गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक बंधनों से जुड़े हुए हैं। भगवान बुद्ध का करुणा, शांति और सद्भाव का शाश्वत संदेश मानवता का मार्गदर्शन करता रहे।
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