प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने कार्यकाल के ग्यारह वर्ष पूरे कर लिए हैं। आज ही के दिन वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। यह देश के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था क्योंकि इसने भारत में गठबंधन की राजनीति के 30 वर्ष के युग को समाप्त कर दिया था और लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट और निर्णायक जनादेश दिया था।
देश की जनता से मिले ऐतिहासिक जनादेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के 14 में प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ ली।
मैं नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता और अखंडता का अक्षुष्ण रखूंगा।
करोड़ों देशवासियों के सपने उनकी आशा और आकाक्षाओं की किरण बनकर उभरे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मजबूत और निर्णायक नेतृत्व के साथ-साथ विकास उन्मुख पहल के लिए विश्व भर में एक नई पहचान बनाई। विकास के प्रति समर्पण और देश के गरीब और आम लोगों के जीवन में गुणात्मक बदलाव से जुड़े प्रधानमंत्री मोदी के व्यापक अभियान ने उन्हें लोकप्रियता की बुलंदी पर पहुंचा दिया है। सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ उन्होंने देश में विकास आधारित राजनीति की नई इबारत लिखी है। बीते 11 वर्षों में देश ने सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं जिससे भारतवासियों के अंदर आत्मविश्वास की नई लहर चल रही है आम जनता के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार, बुनियादी ढांचे की मजबूती अर्थव्यवस्था के सुदृढीकरण, रोजगार सृजन मजबूत सुरक्षा से लेकर विश्व पटल पर भारत के बढ़ते कद से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की नई छाप दिखती है। नीतिगत निष्क्रियता की विरासत को पीछे छोड़ते हुए भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।
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