भारत और बेल्जियम ने नवीकरणीय ऊर्जा, साइबर क्राइम और राजनयिक प्रशिक्षण के क्षेत्रों में समझौता ज्ञापन और रक्षा सहयोग पर आश्य पत्र सहित विभिन्न समझौतों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से आज नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने परस्पर संबंधों के संपूर्ण आयाम तथा आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व इस समय उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है और विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थितियां हैं। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता से खाद्य, ईंधन और आपूर्ति श्रृंखला जैसे हर क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी अपनी गति बनाए रखी हैं। उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में भारत की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास गाथा विश्व के लिए भरोसे और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध दीर्घकालिक है। उन्होंने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान दोनों देशों की साझा स्मृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच संपर्क दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वे दस साल पहले बेल्जियम गए थे और पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच भागीदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढकर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरण पर काम कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा में दोनों देश विश्व की सबसे बड़ी ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं में से एक विकसित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला दोनों देशों की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा पर आज हुए समझौता ज्ञापन से सतत सहयोग नई गति मिलेगी। महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर दोनों देशों ने प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में सहयोग बढाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत में बड़े पैमाने पर उपलब्ध अवसर एक दूसरे के पूरक है। इस दिशा में दोनों देश बेल्जियम के आईएमईसी संस्थान को भारत के सेमीकंडक्टर तंत्र के साथ जोड़ने पर काम करेंगे।
इससे पहले, बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने आज सुबह राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वे तीन दिन की भारत यात्रा पर है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री डी वेवर के साथ रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन भी आए हैं। पिछले साल फरवरी में पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में, वे ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री’ के एक व्यापार कार्यक्रम में मुख्य भाषण भी देंगे।
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