प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबिआंतो के साथ द्विपक्षीय और शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के बाद अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई।
भारत और इंडोनेशिया ने आज स्वास्थ्य सहयोग, परम्परागत चिकित्सा, समुद्री सुरक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और डिजिटल विकास के क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए। तीसरे भारत इंडोनेशिया मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंच की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला में मिलकर काम करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद और कट्टरता से निपटने में सहयोग पर भी जोर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है।
फिंटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में हमने आपसी सहयोग को और सशक्त करने का निर्णय लिया है। हमने तय किया है कि एनर्जी क्रिटिकल मिनरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्पेस ओर स्टेम एजुकेशन के क्षेत्र में भी साथ मिलकर काम किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रामायण और महाभारत से प्रेरित कथाएं और ‘बाली यात्रा’ दोनों देशों के लोगों के बीच अनंत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का जीवंत प्रमाण हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबिआंतो ने भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा में उन्हें दिए गए अपार सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति सुबिआंतो ने कहा कि उन्होंने साझा हितों के कई प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की, जिसमें दोनों पक्ष सहयोग के स्तर को बढ़ाना चाहेंगे।
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