प्रधानमंत्री मोदी इस्राएल की दो दिन की ऐतिहासिक यात्रा के बाद स्वदेश लौट आए हैं। उनकी यात्रा के दौरान भारत और इस्राएल के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, भू-भौतिकीय अन्वेषण, मत्स्य पालन तथा जलीय कृषि, यूपीआई और शिक्षा क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। यरूशलम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने दीर्घकालिक साझेदारी को विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
हमारे संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला पर आधारित है। हमारे रिश्ते समय की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं। हमने अपने टाइम टेस्टेड साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह निर्णय दोनों देशों के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। हमने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे एआई, क्वांटम और क्रिटिकल मिनरल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी। मुझे खुशी है कि इस्राइल में यूपीआई के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में भी हम अपने अनुभव साझा करते हुए लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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