प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और चीन के बीच असामान्य सम्बन्धों को दूर करने के लिये दोनों देशों के सीमा मुद्दों का तत्काल समाधान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थाई और शांतिपूर्ण सम्बन्ध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि समूचे क्षेत्र और विश्व के लिए महत्वपूर्ण हैं। एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राजनयिक और सैन्य स्तर पर सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत के माध्यम से दोनों देश सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल करने में सक्षम होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय लोकतंत्र के बारे में कहा कि देश में मतदाओं की लगातार बढती भागीदारी लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास का बडा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे बडे लोकतंत्र के रूप में वर्ष 2019 के आम चुनाव में 60 करोड से अधिक लोगों ने मतदान किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार के चुनाव में देश के 97 करोड से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में दस लाख से अधिक मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे।
केन्द सरकार ने आज प्रौद्योगिकी-सक्षम और नागरिक-केंद्रित शासन सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि…
भारत और मोज़ाम्बिक ने 1-2 अप्रैल, 2026 को मोज़ाम्बिक के मापुटो में संयुक्त रक्षा कार्य…
सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने…
भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और खनन कंपनी राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी)…
रशियन फेडेरेशन की फेडरल एसेम्बली की फेडेरेशन काउंसिल के फर्स्ट डेप्युटी स्पीकर व्लादिमिर याकुशेव के…
सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-एस.आई.आर.…