प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स, समूह बहुपक्षवाद को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक लचीलेपन को बढ़ाने और अधिक समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के लिए मिलकर काम करेगा। नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साऊथ की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।
इससे पहले, ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व पर बल दिया है।
हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया तेजी से बदल रही है। अंतरराष्ट्रीय तनाव, संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितता, और व्यापार, तकनीक तथा जलवायु से जुड़ी चुनौतियाँ वैश्विक स्थिति को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे समय में ब्रिक्स से सकारात्मक और स्थिर भूमिका निभाने की उम्मीद बढ़ी है। आज कई देश ऊर्जा, भोजन, उर्वरक, स्वास्थ्य सुरक्षा और वित्तीय सहायता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ब्रिक्स उन्हें इन समस्याओं से बेहतर तरीके से निपटने में सहायता कर सकता है।
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