प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में ‘कर्मयोगी सप्ताह’ – राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का शुभारंभ करेंगे। मिशन कर्मयोगी की शुरुआत सितंबर 2020 में हुई थी और तब से इसमें उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ भारतीय लोकाचार में निहित भविष्य के अनुकूल सिविल सेवा की कल्पना की गई है।
राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह (एनएलडब्ल्यू) अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा जो सिविल सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में नई प्रेरणा प्रदान करेगा। यह पहल सीखने और विकास के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेगी। एनएलडब्ल्यू का लक्ष्य “एक सरकार” का संदेश देना, सभी को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जोड़ना और आजीवन शिक्षण को बढ़ावा देना है।
एनएलडब्ल्यू प्रतिभागियों और मंत्रालयों, विभागों व संगठनों के साथ मिलकर विभिन्न रूपों के माध्यम से सीखने के लिए समर्पित होगा। राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक कर्मयोगी कम से कम 4 घंटे की योग्यता-आधारित शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। प्रतिभागी iGOT मॉड्यूल और प्रख्यात व्यक्तियों द्वारा वेबिनार (सार्वजनिक व्याख्यान/मास्टरक्लास) के माध्यम से लक्षित घंटे पूरे कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात वक्ता अपने क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर जानकारी देंगे और उन्हें अधिक प्रभावी तरीके से नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण की दिशा में काम करने में मदद करेंगे। इस दौरान, मंत्रालय, विभाग और संगठन क्षेत्र-विशिष्ट दक्षताओं को बढ़ाने के लिए सेमिनार और कार्यशालाएँ भी आयोजित करेंगे।
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