प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा सहित अन्य विदेश मंत्रियों ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ये मुलाकातें नई दिल्ली में चल रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुईं।
इससे पहले अपने शुरुआती संबोधन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्ष ने संवाद और कूटनीति के महत्व को और भी बढ़ा दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस जटिल और अनिश्चित दुनिया की चर्चाओं में सतत विकास आगे बढ़ना चाहिए। वहीं, समानता और साझा लेकिन विभिन्न जिम्मेदारियों के सिद्धांतों को बनाए रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति वैश्विक परिदृश्य को नया आकार दे रही है और इसका लाभ सुशासन और समावेशी विकास के लिए उठाया जा सकता है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने में भी साझा गहरी रुचि है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चल रहे संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, प्रौद्योगिकी और जलवायु संबंधी चुनौतियां वैश्विक परिदृश्य को आकार दे रही हैं और यह उम्मीद बढ़ रही है कि ब्रिक्स इसमें रचनात्मक और निर्णायक भूमिका निभाएगा।
डॉ. जयशंकर ने ब्रिक्स ढांचे के भीतर सहयोग को मजबूत करने के लिए उपस्थित देशों की उपस्थिति और निरंतर प्रतिबद्धता के प्रति आभार प्रकट किया। डॉ. जयशंकर ने कहा कि कई देश ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो, मलेशिया के विदेश मंत्री दातो सेरी उतामा मोहम्मद बिन हाजी हसन, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला सहित अन्य उपस्थित हैं। बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री पारस्परिक हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
इस बैठक का विषय है लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिक्स के लिए मानवता को प्राथमिकता देने और जन-केंद्रित दृष्टिकोण से प्रेरित है। कल दूसरे दिन, ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देश ब्रिक्स@20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण विषय पर एक सत्र में भाग लेंगे। इसके बाद वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधारों पर एक सत्र होगा।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े पेपर लीक में कथित अनियमितताओं…
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की 200 मेगावाट सौर…
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। विदेश…
निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण – एसआईआर अभियान के तीसरे चरण की घोषणा की…
कांग्रेस ने दस दिन से चल रही अनिश्चिताओं को खत्म करते हुए आज वी डी…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग ने आज पेचिंग में वार्ता…