प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि ठीक 11-वर्ष पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं के स्वरोजगार में बहुत मददगार साबित हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना की सफलता यह दर्शाती है कि जब किसी व्यक्ति को सही अवसर मिलते हैं, तो वह न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें एक बुद्धिमान व्यक्ति के गुणों पर प्रकाश डाला गया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा: “आज से ठीक 11 वर्ष पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं के स्वरोजगार में बहुत मददगार साबित हुई है। इस योजना की सफलता बताती है कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है।
आत्मज्ञानं समारम्भस्तितिक्षा धर्मनित्यता।
यमर्था नापकर्षन्ति स वै पण्डित उच्यते॥
जो व्यक्ति अपनी योग्यता से भली-भांति परिचित हो, आत्मनिर्भर होकर कल्याणकारी कार्य करने में तत्पर हो, विपरीत परिस्थितियों को धैर्यपूर्वक सहन करता हो और सदा सदाचार का पालन करता हो, जिसे लोभ अपने मार्ग से विचलित नहीं कर पाता, वही वास्तव में बुद्धिमान कहलाता है।
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