प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। हमारे संवाददाता ने बताया है कि राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी आज साइप्रस की राजधानी निकोसिया पहुंचेंगे।
किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दो दशकों में साइप्रस की यह पहली यात्रा है। निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस से वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री लिमासोल में व्यापार जगत के प्रतिनिधियों को भी संबोधित करेंगे। यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी कल जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा के कनानास्किस पहुंचेंगे। वे सम्मेलन में जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से एआई-ऊर्जा नेक्सस और क्वांटम-संबंधी मुद्दों सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी यात्रा के अंतिम चरण में 18 जून को क्रोएशिया की सरकारी यात्रा पर जायेंगे। पी राजादुरैये की रिपोर्ट के साथ समाचार कक्ष से मैं मुकेश कुमार।
साइप्रस में भारत के उच्चायुक्त मनीष ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों में नए आयाम जुडेंगे।
प्रधानमंत्री के विजिट से ऐतिहासिक रिश्ता है उसमें काफी मजबूती आएगी। चाहे वह द्विपक्षीय रिश्ता हो, चाहे यूएन के कांटेक्स्ट में हो, चाहे ग्लोबल प्लेटफॉर्म के कांटेक्स्ट में हो या रिजिनल कांटेक्सट में हो। हम हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है और यह जो यात्रा होगी प्रधानमंत्री जी की रेनफोर्स करेगा कि हमारी जो पुरानी मित्रता है वह कंटेंपरेरी कॉन्टेक्स्ट में और मजबूत हो।
उच्चायुक्त ने कहा कि साइप्रस की वर्ष 2035 के लिए एक राष्ट्रीय परिकल्पना है, जबकि भारत ने विकसित भारत-2047 के लिए अपना दृष्टिकोण तैयार किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों नेता बातचीत से सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा तैयार करेंगे।
प्रधानमंत्री जी का जो विजन है कि विकसित भारत का 2047 तक बनने का। जो सेक्टर्स में साइप्रस जो महत्वपूर्ण योगदान इसमें दे सकता है, उसको आइडेंटिफाई किया जाए। साइप्रस को विजन है, 2035 कि उसमें हम क्या योगदान कर सकते हैं, चाहे वो डिजिटल टेक्नोलॉजी हो या ट्रेड हो।
प्रधानमंत्री ने इस यात्रा पर रवाना होने से पहले कहा कि साइप्रस भारत का एक निकट सहयोगी है और भूमध्यसागरीय क्षेत्र तथा यूरोपीय संघ में महत्वपूर्ण भागीदार है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से ऐतिहासिक संबंधों और व्यापार, निवेश, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बारे में कहा कि इसमें वैश्विक मुद्दों और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श होगा।
क्रोएशिया की यात्रा के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के सदियों पुराने घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन देशों की इस यात्रा से सीमापार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के लिए अपने दृढ़ समर्थन लिए धन्यवाद देने का अवसर है।
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