उत्तर प्रदेश के अस्थायी जिले, महाकुंभ नगर में महाकुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम प्रयागराज में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। ओम अवस्थी ने बताया है कि मेले में बडी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
तेरह जनवरी से शुरू हो रहे सनातन संस्कृति के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ में 45 दिनों में करीब 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ऐसे में श्रद्धालुओं को एक बेहतरीन आध्यात्मिक अनुभव देने के लिए सभी तैयारियों को पूरा किया जा रहा है। महाकुंभ में आने वाले भक्त आसानी से संगम में स्नान कर सकें, इसके लिए संगम क्षेत्र के प्रमुख घाटों को नए सिरे से विकसित किया गया है।
मेला अधिकारी अभिनव पाठक ने बताया कि संगम तट पर गंगा और यमुना के किनारे सात पक्के घाट बनाए गए हैं। इनमें गंगा नदी के दशाश्वमेध घाट, काली घाट, छतनाग घाट समेत यमुना नदी के किला घाट, सरस्वती घाट, मोरी घाट और महेवा घाट शामिल हैं। सभी घाटों पर चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। हर घाट पर डमरु, त्रिशूल जैसे अलग-अलग प्रतीक चिन्ह लगाए गए हैं, ताकि घाटों को लोग आसानी से पहचान सकें। इसके अलावा लोगों की सुरक्षा के लिए वॉच टावर लगाए गए हैं। सुरक्षित स्नान के लिए वॉटर बैरिकेडिंग के साथ जल पुलिस को भी तैनात किया गया है।
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