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President and PM attended a programme held in Rairangpur to mark the completion of two years of the Odisha government.
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ओड़िशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राइरंगपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ओड़िशा के मयूरभंज ज़िले के राइरंगपुर में ओड़िशा सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर, उन दोनों ने ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, रोड कनेक्‍टिविटी, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे क्षेत्रों में 60 परियोजनाओं का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया और 12 परियोजनाओं की आधारशिला रखी। 47,600 करोड़ रु. की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्‍य रीजनल कनेक्‍टिविटी को मजबूत करना और इस रीजन के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

मयूरभंज की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद प्रधान मंत्री राइरंगपुर आए हैं, यह ओड़िशा के प्रति उनके विशेष स्नेह और सम्मान को दर्शाता है। इस दौरे से राइरंगपुर के लोगों, विशेषकर जनजातीय भाई-बहनों को अपार खुशी मिली है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जिन परियोजनाओं की आधारशिला आज रखी गई और जिनका उद्घाटन किया गया, वे केवल विकास के प्रतीक नहीं हैं; बल्कि वे सामाजिक न्याय, अवसर की समानता और सर्वांगीण विकास के प्रति प्रधान मंत्री की प्रतिबद्धता के प्रमाण हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है जब उसका लाभ प्रत्‍येक गांव, प्रत्‍येक परिवार और प्रत्‍येक नागरिक तक पहुंचे। जनजातीय इलाकों, दूर-दराज़ के क्षेत्रों और आकांक्षी ज़िलों में मानव विकास के सूचकों में उल्लेखनीय रूप से सुधार लाना हमारी प्राथमिकता है। हमने इस दिशा में काफी प्रगति की है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, उनसे इस क्षेत्र और ओड़िशा राज्य में विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि अगर कोई समाज अपनी संस्कृति की विशिष्‍टता को भूल जाता है, तो वह अपना अस्तित्व ही खो देता है। वह समुदाय जो आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी सांस्कृतिक विशिष्टता को बरकरार रखता है, वही वास्तव में समृद्ध बने रहता है। उन्हें यह देखकर प्रसन्‍नता हुई कि केंद्र और राज्य सरकारें जनजातीय समुदायों की भाषाओं, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए विभिन्‍न प्रकार की योजनाएं चला रही हैं। उन्होंने इस बात के लिए भारत सरकार की सराहना की कि वह जनजातीय समुदायों के गौरव और सम्मान को बनाए रखने के लिए कई प्रकार की पहल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनायी जाती है। देश भर में जनजातीय संग्रहालय स्‍थापित किए जा रहे हैं। लोगों को उन जनजातीय महापुरुषों के अविस्मरणीय योगदान से अवगत कराया जा रहा है, जो लंबे समय से उनकी स्‍मृति से विस्‍मृत हो गए थे।

राष्ट्रपति को यह देखकर प्रसन्‍नता हुई कि केंद्र और राज्य सरकारों के मिले-जुले प्रयासों से ओड़िशा की जनजातीय आबादी की भलाई और उत्थान का एक नया दौर शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री वन-धन योजना के तहत 90 से ज़्यादा लघु वन उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य देना, माइक्रो-क्रेडिट योजनाओं के तहत स्वयं-सहायता समूहों की जनजातीय महिलाओं को ऋण देना और जनजातीय महिला सशक्तिकरण योजनाओं के तहत अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण देना जैसी पहल के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। जनजातीय आबादी में पाए जाने वाले सिकल सेल एनीमिया का उन्‍मूलन करने के लिए ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन’ शुरू किया गया है। बड़ी संख्या में खोले गए एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल जनजातीय बच्चों को गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत जनजातीय आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सोशल इन्‍फ्रॉस्‍ट्रक्‍चर विकसित किया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों, विशेषकर जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के ज़रिए अंत्योदय का लक्ष्य हासिल करने की हर संभव कोशिश की जा रही है।

राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधान मंत्री का पद संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने राष्‍ट्र हित में अनेक कदम उठाए हैं। इसी महीने, उन्होंने निर्वाचित प्रधान मंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने का कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए समस्‍त देशवासियों की ओर से प्रधान मंत्री को बधाई दी। उन्होंने इच्‍छा व्‍यक्‍त की कि वे अपने विजन से देश के लोगों की भलाई का कार्य करते रहें और भारत को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में आगे ले जाएं।

राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी नेतृत्व के कारण वैश्विक मंच पर भारत का मान बढ़ा है। कोविड-19 महामारी के दौरान पूरे विश्‍व ने भारत की क्षमताओं को देखा। आज, जब विश्‍व युद्ध से उत्‍पन्‍न हुई अशांति और अस्थिरता से जूझ रहा है, भारत ने निरंतर सुलह और शांति का पक्ष लिया है और वैश्विक समुदाय को यह संदेश दिया है कि समस्याओं का समाधान परस्‍पर संवाद से ही संभव है, युद्ध से नहीं।

इस अवसर पर, राष्ट्रपति ने मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली ओड़िशा सरकार को दो वर्ष का कार्यकाल पूरे करने पर बधाई दी। उन्होंने इस बात का उल्‍लेख किया कि ओड़िशा ने विगत दो वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र में काफी तेज़ प्रगति हासिल की है। राज्य में बंदरगाहों का तेज़ी से विकास हो रहा है। केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग से, ओड़िशा सरकार रेल, सड़क और जलमार्गों के विकास के लिए कई प्रकार के कदम उठा रही है। सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्हें यह देखकर प्रसन्‍नता हुई कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से ओड़िशा के जनजातीय समुदाय की भलाई और उत्थान का एक नया दौर शुरू हुआ है।

इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की बधाई दी और इस शुभ दिन पर मयूरभंज आने का अवसर मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ पहाड़पुर गांव का उनका दौरा एक यादगार अनुभव रहेगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पहाड़पुर को ‘सूर्य ग्राम’ (सोलर विलेज) के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने ओड़िशा सरकार को उसका दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर बधाई दी और साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के ओड़िशा सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर ओड़िशा के लोगों ने हाल ही में ‘रज पर्व’ मनाया है और अब जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, वहीं पूरे राज्य में ‘विकास का उत्सव’ भी मनाया जा रहा है।

इससे पहले, राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री ने गोषाणी पीठ, संथाली जाहेरा और हो जाहेरा में पूजा-अर्चना की और पहाड़पुर में कौशल केन्‍द्र और विद्यालय का दौरा किया।

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