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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मंगलगिरी, आंध्र प्रदेश के प्रथम दीक्षांत समारोह में भाग लिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मंगलगिरी, आंध्र प्रदेश के प्रथम दीक्षांत समारोह में भाग लिया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी उच्च शैक्षणिक संस्थान का आरंभिक बैच उस संस्थान की पहचान बनाता है। राष्ट्रपति ने एमबीबीएस के पहले बैच के स्नातकों से कहा कि वे चिकित्सा जगत, समाज, देश और विदेशों में एम्स मंगलगिरी के प्रथम ब्रांड एंबेसडर हैं।

राष्ट्रपति ने डॉक्टरों से कहा कि चिकित्सा पेशा का चयन कर उन्होंने मानवता की सेवा का मार्ग चुना है। उन्होंने डॉक्टरों को सफल होने और सम्मान हासिल करने के लिए तीन सामान्य बातों – सेवा, ज्ञानअर्जन और अनुसंधान अभिविन्यासों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रसिद्धि और धन के बीच चयन करना पड़े तो उन्हें प्रसिद्धि को प्राथमिकता देनी चाहिए।

राष्ट्रपति ने संबोधन में कहा भारतीय डॉक्टरों ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से दुनिया के विकसित देशों में अग्रणी मुकाम हासिल किया है। दूसरे देशों से लोग बेहतर चिकित्सा के लिए भारत आते हैं। भारत वैश्विक पटल पर सस्ते चिकित्सा पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है और डॉक्टरों की इसमें प्रमुख भूमिका रही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हमारी परंपरा में दीर्घायु, रोग मुक्त और स्वस्थ रहने की प्रार्थना की जाती है। उन्होंने कहा कि जीवन और स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यह दृष्टिकोण समग्र स्वास्थ्य पर केंद्रित है। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि मंगलगिरी एम्स का आदर्श वाक्य सकल स्वास्थ्य सर्वदा समग्र स्वास्थ्य सेवा और सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा के आदर्शों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना और सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना इस संस्थान के प्रत्येक चिकित्सा पेशेवरों का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान को बदलते समय और परिस्थितियों के अनुसार नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इके लिए नए समाधानों की आवश्यकता होती है, मंगलगिरी स्थित एम्स की साइटोजेनेटिक्स (ऊतक, रक्त, रक्त मज्जा, या संवर्धन कोशिका) प्रयोगशाला इसी दिशा में किया गया प्रयास है। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान इस प्रयोगशाला के उपयोग से नए अनुसंधान और उपचार विकसित करेगा।

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