राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लुआंडा में अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लौरेंसो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इससे पहले, अंगोला पहुंचने पर लुआंडा स्थित राष्ट्रपति भवन में उनका भव्य औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें सलामी गारद दिया गया। दोनों नेताओं ने भारत और अंगोला के बीच बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर व्यापक चर्चा की।
बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मु ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने उत्कृष्ट संसदीय प्रथाओं के आदान-प्रदान, कृषि – विशेष रूप से बीजों और उर्वरकों – तेल अन्वेषण और शोधन, संचार और परिवहन अवसंरचना, दुर्लभ मृदा खनिजों और हीरा प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की सम्भावनाओं पर विचार किया।
राष्ट्रपति ने इनमें से कई क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता को रेखांकित किया और कहा कि भारत पारस्परिक विकास तथा समृद्धि के लिए इन अवसरों का लाभ उठाने में अंगोला के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्परता है। उन्होंने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, रक्षा सहयोग और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों पर भी ज़ोर दिया।
सतत विकास के प्रति अंगोला की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत के नेतृत्व वाले दो प्रमुख वैश्विक कार्यक्रमों – ग्लोबल बायो फ्यूल एलायंस और इंटरनेशन बीग कैट एलायंस में शामिल होने के लिए अंगोला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक पर्यावरणीय और जैव विविधता चुनौतियों से निपटने में अंगोला की सक्रिय भूमिका का पता चलता है।
दोनों पक्ष चुने हुए क्षेत्रों में सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान करने वाले हैं।
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